प्रश्न उत्तर

1. लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है?

उत्तर:
हाँ। एक बार मेरी पेन खो गई थी। मैंने कक्षा में ध्यान से सभी स्थानों को देखा और याद किया कि मैं कहाँ-कहाँ गया था। अंत में मेरी पेन मेज के नीचे मिल गई। इससे मुझे समझ आया कि ध्यानपूर्वक निरीक्षण करने से समस्या का समाधान मिल सकता है।

2. भाइयों ने बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली। यदि आपने ऐसा किया है तो आपको क्या-क्या लाभ मिले?

उत्तर:
हाँ। हर बात पर ध्यान देने की आदत से मेरी समझ और याद रखने की क्षमता बढ़ी है। मैं छोटी-छोटी गलतियाँ पहचान लेता हूँ और पढ़ाई में भी अच्छे अंक प्राप्त करता हूँ।

3. भाइयों को यात्रा में भूख, थकान और पैरों में छाले जैसी कठिनाइयाँ आईं। आप अपने दैनिक जीवन में किन कठिनाइयों का सामना करते हैं?

उत्तर:
मुझे कभी-कभी पढ़ाई का अधिक कार्य, समय की कमी, परीक्षा का तनाव और यात्रा की थकान जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मैं समय का सही उपयोग करके इन कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करता हूँ।

4. क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से बिना देखे भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?

उत्तर:
हाँ। यदि किसी व्यक्ति के पास पर्याप्त अनुभव, ज्ञान और सही समझ हो, तो वह बिना देखे भी सही अनुमान लगा सकता है। मैंने भी कभी-कभी परिस्थितियों को समझकर सही निर्णय लिया है।

5. यदि कोई आप पर संदेह करे तो क्या हमें शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसा किया है?

उत्तर:
हाँ। संदेह होने पर हमें शांत रहकर सच्चाई बतानी चाहिए। एक बार मेरे मित्र ने मुझ पर गलती का संदेह किया था। मैंने बिना गुस्सा किए पूरी बात समझाई, जिससे उसका संदेह दूर हो गया।

6. क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या विशेष कौशल देखकर आश्चर्य हुआ है? आपने क्या सीखा?

उत्तर:
हाँ। मैंने अपने विज्ञान के शिक्षक की सरल ढंग से कठिन विषय समझाने की कला देखकर आश्चर्य अनुभव किया। उनसे मैंने सीखा कि कठिन कार्य भी सही तरीके से समझाए जाएँ तो सरल बन जाते हैं।

7. क्या आपको किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी ऐसी सलाह देंगे?

उत्तर:
हाँ। मेरे माता-पिता ने मुझे हमेशा ईमानदारी, मेहनत और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी है। यह सलाह मेरे जीवन में बहुत उपयोगी रही है। मैं भी दूसरों को यही सलाह दूँगा कि वे ज्ञान प्राप्त करें, मेहनत करें और सदैव सत्य का साथ दें।

8. क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है? क्या कभी आपकी सच्चाई ने आपको समस्या से बाहर निकाला है?

उत्तर:
हाँ। सदा सच बोलना बहुत महत्वपूर्ण है। सत्य बोलने से लोगों का विश्वास बना रहता है। एक बार मुझसे गलती हो गई थी। मैंने सच बता दिया, इसलिए मुझे डाँट तो मिली, लेकिन बाद में सभी ने मेरी ईमानदारी की प्रशंसा की।

ये सभी उत्तर:

  • ✅ NCERT की अवधारणा पर आधारित हैं।

  • ✅ कक्षा 7 स्तर के अनुसार सरल भाषा में हैं।

  • ✅ परीक्षा में 2–3 अंक के उत्तर के रूप में लिखे जा सकते हैं।

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अध्ययन 2 तीन बुद्धिमान (लोककथा)हिंदी (मल्हार) – कक्षा 7 (pdf)
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