कक्षा 7 हिंदी — पाठ 3: फूल और काँटा

NCERT अभ्यास के सभी प्रश्नों के उत्तर

नीचे पाठ के आधार पर सभी प्रश्नों के उत्तर सरल, स्पष्ट और परीक्षा में लिखने योग्य हिंदी में दिए गए हैं। जहाँ प्रश्न में एक से अधिक उत्तर संभव हैं, वहाँ सभी उपयुक्त विकल्प बताए गए हैं।

1. मेरी समझ से — सही उत्तर चुनिए

(3) कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?

  • ( ) व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।

  • (★) व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।

  • ( ) कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।

  • (★) यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है, तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।

सही उत्तर: दूसरा और चौथा विकल्प।

कारण: कविता का संदेश है कि व्यक्ति का बड़प्पन उसके गुणों और अच्छे कार्यों से पहचाना जाता है। अच्छे कर्मों से व्यक्ति स्वयं और अपने कुल का नाम रोशन करता है।

(4) ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त कथन कौन-सा है?

  • ( ) धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।

  • ( ) कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।

  • (★) बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।

  • ( ) कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।

सही उत्तर: तीसरा विकल्प।

कारण: सच्चा बड़प्पन अच्छे गुणों, अच्छे व्यवहार और अच्छे कर्मों में होता है, न कि केवल धन या ऊँचे कुल में।

2. पंक्तियों पर चर्चा

(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा,

एक सी उन पर हवाएँ हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।”

उत्तर: इन पंक्तियों का अर्थ है कि फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं। दोनों को समान वर्षा, हवा और प्राकृतिक वातावरण मिलता है। फिर भी उनके रूप, गुण और स्वभाव अलग-अलग होते हैं। इससे हमें सीख मिलती है कि समान परिस्थितियों में रहने वाले व्यक्तियों के गुण और व्यवहार भी अलग हो सकते हैं।

(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,

जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”

उत्तर: इन पंक्तियों का अर्थ है कि यदि किसी व्यक्ति में अच्छे गुण और अच्छे संस्कार नहीं हैं, तो केवल उसके ऊँचे कुल में जन्म लेने से वह महान नहीं बन सकता। व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके व्यवहार, गुणों और कर्मों से होती है। इसलिए हमें कुल या परिवार के नाम के बजाय व्यक्ति के चरित्र को महत्त्व देना चाहिए।

3. मिलकर करें मिलान — फूल और काँटे के प्रतीक

शब्द/प्रतीक

उपयुक्त गुण या भावना

फूल

सुंदरता

फूल

कोमलता

फूल

प्रेम

फूल

अच्छाई

फूल

आनंद

फूल

प्रसन्नता

फूल

दया

फूल

परोपकार

काँटा

कठोरता

काँटा

पीड़ा

काँटा

दुख

काँटा

बुराई

काँटा

स्वार्थ

ध्यान दें: यह प्रतीकात्मक मिलान है। संदर्भ के अनुसार काँटा कठिनाइयों, संघर्ष या सुरक्षा का भी प्रतीक हो सकता है।

4. सोच-विचार के प्रश्न

(क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख है, जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?

उत्तर: कविता में बताया गया है कि फूल और काँटे एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं और उन्हें समान रूप से वर्षा, हवा तथा चाँदनी मिलती है। प्रकृति दोनों का समान रूप से पालन-पोषण करती है, फिर भी उनके गुण और स्वभाव अलग-अलग होते हैं।

(ख) फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?

उत्तर: फूल सुंदर, कोमल और सुगंधित होता है। वह अपनी सुगंध से वातावरण को आनंदमय बनाता है। इसके विपरीत, काँटा कठोर और नुकीला होता है। वह चुभकर पीड़ा पहुँचा सकता है तथा कपड़े भी फाड़ सकता है। इस प्रकार दोनों के रूप और स्वभाव में अंतर है।

(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है?

उत्तर: कविता में मुख्य रूप से यह बताया गया है कि किसी व्यक्ति का बड़प्पन उसके कुल, परिवार या बाहरी पहचान से नहीं, बल्कि उसके गुणों, स्वभाव और कर्मों से निर्धारित होता है। जिस प्रकार फूल और काँटा एक ही पौधे पर उगकर भी अलग-अलग होते हैं, उसी प्रकार एक ही परिवार के व्यक्तियों में भी गुणों का अंतर हो सकता है। इसलिए हमें व्यक्ति के अच्छे कर्मों और चरित्र को महत्त्व देना चाहिए।

(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर: इन पंक्तियों का अर्थ है कि ऊँचे कुल या प्रतिष्ठित परिवार में जन्म लेने मात्र से कोई व्यक्ति महान नहीं बन जाता। यदि उसमें अच्छे गुण, विनम्रता और दूसरों की सहायता करने की भावना नहीं है, तो उसके परिवार की प्रतिष्ठा उसके काम नहीं आती।

उदाहरण: यदि कोई व्यक्ति बहुत अमीर परिवार से है, लेकिन दूसरों का अपमान करता है, तो लोग उसका सम्मान नहीं करेंगे। इसके विपरीत, साधारण परिवार का कोई व्यक्ति ईमानदार, मेहनती और दयालु है, तो लोग उसका आदर करेंगे।

(ङ) “है खटकता एक सबकी आँख में, दूसरा है सोहता सुरसरि शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों को पसंद करते हैं?

उत्तर: लोग सामान्यतः ऐसे व्यक्तियों को पसंद करते हैं जो विनम्र, दयालु, सहयोगी और अच्छे व्यवहार वाले हों। इसके विपरीत, घमंडी, स्वार्थी और दूसरों को कष्ट पहुँचाने वाले व्यक्ति लोगों को पसंद नहीं आते। कविता की पंक्तियाँ बाहरी रूप और वास्तविक गुणों के अंतर की ओर संकेत करती हैं।

5. अनुमान और कल्पना

(क) यदि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसें, तो बाकी पौधों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: यदि चाँदनी, हवा और वर्षा केवल एक ही पौधे को मिलें, तो बाकी पौधों को पर्याप्त प्राकृतिक सहारा नहीं मिलेगा। वे मुरझा सकते हैं, उनकी वृद्धि रुक सकती है और वे कमजोर हो सकते हैं। इससे सीख मिलती है कि सभी को समान अवसर और आवश्यक सुविधाएँ मिलनी चाहिए।

(ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते, तो दुनिया कैसी लगती?

उत्तर: यदि सभी पौधे एक जैसे होते, तो प्रकृति की विविधता समाप्त हो जाती। हर जगह एक ही प्रकार के फूल, पत्तियाँ और रंग दिखाई देते। संसार नीरस लगता और अलग-अलग पौधों से मिलने वाले लाभ भी सीमित हो जाते। विविधता ही प्रकृति को सुंदर बनाती है।

(ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता, तो क्या होता?

उत्तर: यदि पौधों पर काँटे न होते, तो कुछ पौधों को प्राकृतिक सुरक्षा कम मिलती। कई काँटेदार पौधे अपने काँटों से स्वयं को पशुओं से बचाते हैं। फूलों से भरी प्रकृति सुंदर अवश्य लगती, लेकिन काँटों का भी अपना महत्त्व है। इससे पता चलता है कि प्रकृति में हर चीज़ की कोई-न-कोई उपयोगिता हो सकती है।

(घ) एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है। दोनों के बीच संवाद लिखिए।

उत्तर:

तितली: नमस्ते काँटे! क्या मैं तुम्हारी मित्र बन सकती हूँ?

काँटा: नमस्ते तितली! लेकिन मैं तो नुकीला हूँ। तुम्हें मुझसे चोट लग सकती है।

तितली: मैं सावधानी रखूँगी। मैं तुम्हारे पास बैठकर प्रकृति की सुंदरता देखना चाहती हूँ।

काँटा: तुम्हारी मित्रता अच्छी लगी। मैं भी पौधे की रक्षा करने में सहायता करता हूँ।

तितली: बिल्कुल! हम दोनों अलग हैं, लेकिन प्रकृति में दोनों का अपना महत्त्व है।

काँटा: सही कहा। हमें एक-दूसरे के गुणों का सम्मान करना चाहिए।

(ङ) यदि आपको फूल या काँटे के गुणों में से किसी को अपनाने का अवसर मिले, तो आप किसे चुनेंगे?

उत्तर: मैं फूल के गुणों को अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी, क्योंकि फूल प्रेम, सुंदरता, कोमलता और प्रसन्नता का प्रतीक है। मैं दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और अपने आसपास खुशी फैलाना चाहूँगा/चाहूँगी। साथ ही, मैं काँटे से यह सीख भी लेना चाहूँगा/चाहूँगी कि कठिन परिस्थितियों में अपनी रक्षा करना और दृढ़ रहना आवश्यक है।

6. कविता का सौंदर्य — रिक्त स्थान भरिए

दिए गए शब्दों में से कविता की पंक्ति के लिए सबसे उपयुक्त शब्द चुनिए।

(1) पहली पंक्ति

रजनी में उन पर चमकता चाँद भी, एक ही-सी चाँदनी है डालता।

  • पहले रिक्त स्थान का उपयुक्त शब्द: रजनी

  • दूसरे रिक्त स्थान का उपयुक्त शब्द: चाँद

शब्दों के अर्थ:

  • रात = रात्रि का समय

  • रजनी = रात

  • शशि = चंद्रमा

  • इंदु = चंद्रमा

(2) दूसरी पंक्ति

मेह उन पर है बरसता एक-सा, एक-सी उन पर हवाएँ हैं बही।

  • पहले रिक्त स्थान का उपयुक्त शब्द: मेह

  • दूसरे रिक्त स्थान का उपयुक्त शब्द: हवाएँ

शब्दों के अर्थ:

  • मेह = वर्षा/बारिश

  • मेघ = बादल

  • जलद = बादल

  • पवन = हवा

  • समीर = हवा

  • बयार = हवा

नोट: कविता की मूल पुस्तक में रिक्त स्थानों की छपाई के अनुसार शब्दों का क्रम थोड़ा अलग हो सकता है। ऊपर दिए गए शब्द आपके भेजे हुए पाठ के भाव और उपलब्ध विकल्पों के अनुसार हैं।

7. विशेषण और विशेष्य

विशेषण: जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए।

विशेष्य: वह शब्द जिसकी विशेषता बताई जाए।

क्रम

पंक्ति

विशेषण

विशेष्य

1

भौंर का है बेध देता श्याम तन

श्याम

तन

2

फाड़ देता है किसी का वर वसन

वर

वसन

3

भौंर को अपना अनूठा रस पिला

अनूठा

रस

4

निज सुगंधों और निराले ढंग से

निराले

ढंग

(ख) दिए गए विशेष्यों के लिए उपयुक्त विशेषण लिखिए

विशेष्य

विशेषण

1. फूल

सुंदर, सुगंधित

2. काँटा

नुकीला, कठोर

3. मेह

मूसलाधार, ठंडा

4. चाँद

चमकीला, सुंदर

5. रात

अँधेरी, शांत

8. आपकी बात

(क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो, तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?

उत्तर: मैं फूल को चुनूँगा/चुनूँगी, क्योंकि फूल सुंदरता, प्रेम, कोमलता और प्रसन्नता का प्रतीक है। वह अपनी सुगंध से दूसरों को आनंद देता है। मैं भी अपने अच्छे व्यवहार और सहायता की भावना से दूसरों के जीवन में खुशी लाना चाहूँगा/चाहूँगी।

(ख) अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता लाने के लिए आप क्या करते हैं और क्या कर सकते हैं?

उत्तर: मैं अपने परिवार और मित्रों से प्रेमपूर्वक बात करता/करती हूँ, उनकी सहायता करता/करती हूँ और उनकी खुशियों में शामिल होता/होती हूँ। आगे भी मैं जरूरत पड़ने पर उनकी मदद करूँगा/करूँगी, उनकी बात ध्यान से सुनूँगा/सुनूँगी और किसी को दुख पहुँचाने वाले शब्दों का प्रयोग नहीं करूँगा/करूँगी।

(ग) फूल और काँटे की तरह साथ पाए जाने वाले अन्य उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

  1. नमक और चीनी — स्वाद में अंतर।

  2. सुख और दुख — जीवन की दो अवस्थाएँ।

  3. काला और सफेद — दो अलग रंग।

  4. शांति और क्रोध — दो अलग भाव।

  5. खट्टा और मीठा — दो अलग स्वाद।

  6. दिन और रात — समय की दो अवस्थाएँ।

(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर वसन।” अपने आसपास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए, जिसे आप काँटे के समान महसूस करते हैं। उसका समाधान भी सुझाइए।

उत्तर: मेरे आसपास गंदगी और कूड़ा फैलाने की समस्या एक काँटे के समान है। इससे वातावरण दूषित होता है और बीमारियाँ फैलने का खतरा रहता है। इसका समाधान यह है कि सभी लोग कूड़ा कूड़ेदान में डालें, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें।

9. सृजनात्मक गतिविधियाँ

(क) कविता के बारे में एक चित्र बनाइए।

चित्र बनाने का सुझाव:

  • बीच में एक पौधा बनाइए, जिस पर सुंदर फूल और नुकीले काँटे हों।

  • फूल में लाल, गुलाबी या पीला रंग भरिए।

  • काँटों को हरे या भूरे रंग से दिखाइए।

  • ऊपर बादल, वर्षा और चाँदनी बनाइए।

  • चित्र के नीचे लिखिए: “एक ही पौधे पर फूल और काँटे, फिर भी दोनों के गुण अलग।”

(ख) फूल और काँटे के बीच बातचीत लिखिए।

फूल और काँटे का संवाद

फूल: नमस्ते काँटे! तुम इतने नुकीले क्यों हो?

काँटा: नमस्ते फूल! मैं पौधे की रक्षा करने में सहायता करता हूँ।

फूल: मैं अपनी सुगंध से लोगों को प्रसन्न करता हूँ।

काँटा: और मैं कठिनाइयों में सावधान रहने की सीख देता हूँ।

फूल: हम दोनों के गुण अलग-अलग हैं, फिर भी हम एक ही पौधे पर रहते हैं।

काँटा: हाँ, इसलिए हमें एक-दूसरे को छोटा नहीं समझना चाहिए।

फूल: सही कहा! हर किसी में कोई-न-कोई विशेषता होती है।

काँटा: हमें बाहरी रूप से नहीं, बल्कि अपने गुणों और उपयोगिता से पहचाना जाना चाहिए।

फूल: यही हमारी सबसे बड़ी सीख है।

शिक्षा: प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग गुण होते हैं। हमें सभी के गुणों का सम्मान करना चाहिए।

 

10. परीक्षा के लिए संपूर्ण पाठ का सार

कविता ‘फूल और काँटा’ में फूल और काँटे के उदाहरण द्वारा उनके रूप, स्वभाव और गुणों के अंतर को बताया गया है। दोनों एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं और उन्हें समान प्राकृतिक वातावरण मिलता है, फिर भी उनके गुण अलग होते हैं। फूल अपनी सुंदरता और सुगंध से आनंद फैलाता है, जबकि काँटा चुभकर पीड़ा पहुँचा सकता है। कविता का मुख्य संदेश है कि व्यक्ति का बड़प्पन उसके कुल, धन या बाहरी रूप से नहीं, बल्कि उसके गुणों, स्वभाव और अच्छे कर्मों से पहचाना जाता है। हमें अच्छे गुण अपनाने चाहिए और दूसरों के प्रति प्रेम, दया तथा परोपकार की भावना रखनी चाहिए।

11. एक नज़र में याद करें

प्रश्न

मुख्य उत्तर

कविता में फूल किसका प्रतीक है?

सुंदरता, कोमलता, प्रेम और आनंद

काँटा किसका प्रतीक हो सकता है?

कठोरता, पीड़ा और कठिनाई

फूल और काँटे में समानता क्या है?

दोनों एक ही पौधे पर उगते हैं और समान प्राकृतिक वातावरण पाते हैं।

दोनों में अंतर क्या है?

उनके रूप, गुण और स्वभाव अलग हैं।

बड़प्पन किससे पहचाना जाता है?

गुणों, स्वभाव और कर्मों से

कविता की मुख्य शिक्षा क्या है?

व्यक्ति का सम्मान उसके अच्छे गुणों और कर्मों के आधार पर होना चाहिए।

परीक्षा में ध्यान रखें: उत्तर लिखते समय प्रश्न के अनुसार सीधे उत्तर दें, फिर एक-दो वाक्यों में उसका कारण या उदाहरण लिखें। इससे उत्तर स्पष्ट और प्रभावी बनेगा।

Exercise Files
कक्षा 7 हिंदी (मल्हार) — अध्याय 3 – फूल और काँटा (pdf)
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