प्रश्न उत्तर
❌ बादल
❌ बूँद
★ अंकुर
❌ पावस
❌ बारिश की बूँदें
❌ वृद्ध धरती
❌ नगाड़ा
★ बादल
हमने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि कविता में वर्षा के आने से धरती पर नए अंकुर फूटते हैं, जो नवजीवन का प्रतीक हैं। वहीं, कवि ने नीले आकाश की तुलना आँखों से और काले बादलों की तुलना आँखों की पुतली से की है, जिससे प्रकृति का सुंदर चित्रण किया गया है।
| क्रमांक | कविता की पंक्तियाँ | सही भावार्थ |
|---|---|---|
| 1 | आसमान में उड़ता सागर, लगा बिजलियों के स्वर्णिम पर | 2. बादल |
| 2 | बजा नगाड़े जगा रहे हैं, बादल धरती की तरुणाई | 1. मेघ-गर्जना |
| 3 | नीले नयनों-सा यह अंबर, काली पुतली-से ये जलधर | 4. आकाश |
| 4 | वसुंधरा की रोमावलि-सी, हरी दूब पुलकी-मुसकाई | 3. हरी दूब |
✅ 1 → 2 (बादल)
✅ 2 → 1 (मेघ-गर्जना)
✅ 3 → 4 (आकाश)
✅ 4 → 3 (हरी दूब)
अर्थ:
कवि ने बादलों को समुद्र के समान बताया है, जो बिजली के सुनहरे पंख लगाकर आकाश में उड़ रहे हैं। बादलों की गर्जना नगाड़ों की तरह सुनाई देती है, जो वर्षा के आगमन की सूचना देकर धरती में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रही है। यह पंक्ति वर्षा ऋतु के सुंदर और जीवंत दृश्य का वर्णन करती है।
अर्थ:
कवि ने नीले आकाश की तुलना आँखों से और काले बादलों की तुलना आँखों की पुतली से की है। बादल दया और प्रेम से भरकर वर्षा के रूप में अपने आँसू बहाते हैं, जिससे प्यास से व्याकुल धरती की प्यास बुझ जाती है। यह प्रकृति के स्नेह और करुणा का सुंदर चित्रण है।
कविता में आकाश को नीले नयनों (आँखों) के समान तथा बादलों को काली पुतलियों के समान बताया गया है।
कविता में कवि ने कई सुंदर और कल्पनाशील दृश्य प्रस्तुत किए हैं, जैसे—
इन कल्पनात्मक प्रयोगों से कविता अधिक सुंदर, प्रभावशाली और आनंददायक बन गई है।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| जलधर | जल को धारण करने वाला (बादल/समुद्र) |
| धरतीधर | पृथ्वी को धारण करने वाला (पर्वत) |
| गिरीधर | पर्वत धारण करने वाला (भगवान कृष्ण) |
| चक्रधर | चक्र धारण करने वाला (भगवान विष्णु) |
| शंखधर | शंख धारण करने वाला |
| धनुधर | धनुष धारण करने वाला |
| गदाधर | गदा धारण करने वाला |
| त्रिशूलधर |
त्रिशूल धारण करने वाला |
| संकेत | उत्तर |
|---|---|
| आँख का दूसरा नाम | नयन |
| बादल का दूसरा नाम | जलधर |
| धरती का दूसरा नाम | वसुंधरा |
| आकाश का दूसरा नाम | अंबर |
| घास का एक प्रकार | दूब |
| बिजली की आवाज़ जैसा वाद्य | नगाड़ा |
✓ जलधर = बादल / समुद्र
✓ अंबर = आकाश
✓ नयन = आँख
✓ वसुंधरा = पृथ्वी
✓ दूब = हरी घास
✓ अंकुर = पौधे का प्रारंभिक भाग
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