
मल्हार – अध्याय 2: गोल
िणनीवतक महत्व: िाष्ट्ीय वशक्षा नीवत (NEP 2020) के अंतगथत भाषा वशक्षण अब के िल साक्षिता तक
सीवमत नहींहै, बल्कि यह विद्ावर्थयोंकेचरित्र वनमाथण औि मूल्ोंकेविकास का माध्यम है। “गोल” अध्याय
खेल संस्मिण केमाध्यम सेछात्रोंमेंअनुशासन, टीम भािना औि िाष्ट्ीय गिथकी भािना जागृत किता है।
यह पाठ न के िल वहन्दी सावहत्य की संस्मिण विधा को स्पष्ट् किता है, बल्कि यह भी वसखाता हैवक खेल के
मैदान पि विकवसत वकया गया ‘आत्म-संयम’ जीिन के हि क्षेत्र मेंसफलता की कुं जी है।
सािांश (सािांश): यह अध्याय भाितीय हॉकी केमहानतम नायक, मेजि ध्यानचंद की आत्मकर्ा का एक
अंश है। इसमेंउनके प्रािंवभक जीिन, सेना मेंउनके प्रिेश औि 1933 के एक ऐवतहावसक मैच की घटना
का िणथन है। पाठ का मुख्य कें द्र िह प्रसंग हैजहााँध्यानचंद नेविपक्षी ल्कखलाडी द्वािा पहाँचाई गई शािीरिक
चोट का जिाब वहंसा सेनहीं, बल्कि एक के बाद एक 6 गोल दागकि खेल की श्रेष्ठता सेवदया।